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उत्तराखंड

*आईजी की हिदायत, महिला हैल्प डैस्क पर रखा जाए अपराध पीड़ित सहायता योजना का प्रारुप*

हल्द्वानी। पुलिस महानिरीक्षक डॉ नीलेश आनन्द भरणे ने शुक्रवार को परिक्षेत्र के जिलों के महिला हैल्प लाईन, महिला हैल्प डेस्क, एएचटीयू प्रभारियों के कार्यों की वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा की। जिसमें बताया गया कि परिक्षेत्र के जिलों में कुल 50 बालिका इण्टर कॉलेज व विद्यालय गोद लिए गए हैं।

जिसमें नैनीताल जिले में 14 महिला, बालिका विद्यालय, ऊधमसिंहनगर में 15, अल्मोड़ा में 7, चम्पावत में 8, पिथौरागढ़ में 3 और बागेश्वर जिले में 3 महिला व बालिका विद्यालय शामिल हैं। इस दौरान आईजी ने निर्देश दिए कि सभी गौरा शक्ति चीता स्क्वार्ड द्वारा सायं के समय एक घंटा टीम बनाकर महिला अपराधों से सम्बन्धित हॉट स्पाट चिन्हित क्षेत्रों और जहां- जहां महिलाओं की आवाजाही अधिक हो, वहां पर गश्त की जाये। साथ ही इस टीम के साथ एसआई स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया जाये। जो पुलिस अधिनियम के अन्तर्गत चालानी कार्यवाही करेंगे।

आईजी डॉ भरणे ने कहा कि प्रत्येक माह टीम द्वारा की गयी गश्त की संख्या, कार्यवाही का विवरण महिला हैल्प लाईन के माध्यम से (चालानों की संख्या) उनके कार्यालय को उपलब्ध कराया जाये। साथ ही प्रत्येक थाने में नियुक्त महिला आरक्षी से महिला एसआई तक अपने-अपने बीट क्षेत्र में एक बालिका व महिला स्कूल, कॉलेज को गोद लेकर अध्ययनरत बालिकाओं व महिलाओं को महिला अधिकारों एवं कानूनों की समय-समय जानकारी दी जाये और अपना मोबाईल नम्बर सभी छात्राओं को उपलब्ध करायें।

कहा कि स्कूल के प्रधानाचार्यों से भी समन्वय स्थापित करते हुए सप्ताह में एक-दो बार जाकर जागरुकता अभियान चलाये जायं। निर्देश दिए कि गौरा दीदी योजना के कार्यों का परिवेक्षण जिला स्तर पर महिला काउसिंलिंग सैल प्रभारी द्वारा किया जायेगा। जिनका दायित्व होगा कि वह सूचना समय से परिक्षेत्र कार्यालय को उपलब्ध करायें। इस दौरान आईजी ने उत्कृष्ट कार्य के लिए बनभूलपुरा थाने के महिला हेल्प डैस्क प्रभारी निधि शर्मा और उनकी टीम को पुरस्कृत करने के निर्देश एसएसपी को दिए।

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