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उत्तराखंड

महिला सशक्तिकरण, साइबर फ्रॉड, बेहतर यातायात व नशे पर नकेल रहेगी प्राथमिकता, आदर्श पुलिसिंग होगा लक्ष्य : रिधिम अग्रवाल (आईजी)

नैनीताल। पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) कुमायूं रेंज, रिधिम अग्रवाल ने पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार नैनीताल स्थित अपने कार्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्हें गार्ड द्वारा सलामी दी गई, और फिर उन्होंने कार्यालय की प्रत्येक शाखा का बारीकी से निरीक्षण किया। आईजी ने शाखा प्रभारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्रीय कार्यालय केवल एक पोस्ट ऑफिस की तरह कार्य नहीं करें, बल्कि जनपदों के कार्यों की समीक्षा करते हुए उनकी प्रगति की आख्या ली जाए। उन्होंने सभी कर्मचारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद, रिधिम अग्रवाल ने कुमायूं रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों, और सहायक/अपर पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की। बैठक में कई अहम निर्देश जारी किए गए, जिनमें प्रमुख बिंदु निम्नलिखित थे:

  1. महिला अपराधों पर ध्यान: महिला सशक्तिकरण विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जनपदों में वन-स्टॉप सेंटर पर पीड़िताओं और उनके परिवारों की काउंसलिंग सुनिश्चित की जाए।
  2. सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा: सीसीटीवी कैमरे अपराधों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आईजी ने सभी जनपदों को संवेदनशील क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने और खराब हुए कैमरों को ठीक करने का निर्देश दिया।
  3. थाना और चौकी निरीक्षण: हाल ही में राजस्व क्षेत्र से पुलिस क्षेत्र में शामिल किए गए थानों और चौकियों के क्षेत्रों में सीनियर अधिकारियों को रात्रि विश्राम करने का निर्देश दिया गया, ताकि जनता का पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ सके।
  4. 41 ए द0प्र0सं0 के बारे में जागरूकता: इस अधिनियम के तहत सात साल से कम सजा वाले अपराधों में गिरफ्तारी नहीं होती है। जनसाधारण को इसके बारे में जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
  5. नागरिक सुरक्षा संहिता का पालन: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत अगले तीन वर्षों के लिए साक्ष्य संकलन, फॉरेंसिक राय, गिरफ्तारी, और जब्ती के विषय में योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
  6. आधुनिक तकनीकी पुलिसिंग: पुलिसिंग में आधुनिक तकनीकों का उपयोग बढ़ाने के साथ-साथ बेसिक पुलिसिंग जैसे गश्त, पिकेट ड्यूटी, और पैट्रोलिंग को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
  7. सोशल मीडिया पर निगरानी: अपराध से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया पर तेजी से फैलती है, लेकिन कार्यवाही की जानकारी नहीं मिलती। इसके लिए सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और प्रमोशन सैल को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया गया।

यह बैठक कुमायूं रेंज में पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने और क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। पुलिस महानिरीक्षक ने अधिकारियों को जनता के बीच पुलिस का विश्वास बढ़ाने के लिए पूरी तत्परता से कार्य करने का संदेश दिया।

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