Sunday, April 21, 2024

*जान से मरवाने, मार पिटाई एवं गाली गलौज का आरोपी हुआ दोषमुक्त, वरिष्ठ अधिवक्ता राजन सिंह मेहरा की दमदार पैरवी*

 नैनीताल। जान से मरवाने, मार पिटाई करने एवं गाली गलौज करने वाले अभियुक्त को न्यायालय ने दोष मुक्त करार दिया है। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता राजन सिंह मेहरा की दमदार पैरवी की।

मामले के अनुसार 10 दिसम्बर 2020 को थाना चोरगलिया में वादी मुकदमा पीड़ित इरशाद अली द्वारा अभियुक्त अली शेर के विरुद्ध एक तहरीर किया गया। जिसमें प्रारंभिक जांच उप निरीक्षक वीरेंद्र द्वारा करने के उपरांत अली शेर के विरुद्ध अंतर्गत धारा 504, 506,323 भारतीय दंड संहिता के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। वादी मुकदमा द्वारा कहा गया कि दिनांक 10 दिसंबर 2020 को वह जंगल के रास्ते से अपने घर को जा रहा था रास्ते में अभियुक्त अली शेर तथा चार अज्ञात लोगों द्वारा उसके साथ मारपीट आई और तमंचे से फायर किया गया। मेडिकल करने के बाद उसके द्वारा थाना चोर गलियां में तहरीर दी गई प्रारंभिक जांच के दौरान उप निरीक्षक वीरेंद्र द्वारा वादी मुकदमा के ऊपर हवाई फायर करना या तमंचे से गोली चलाना नहीं पाया गया।

तदुपरांत थाना चोरगलियां में उपरोक्त मामला अंतर्गत धारा 504, 506 323 प्रथम सूचना संख्या 101 सन 2020 के रूप में दर्ज हुआ। जिसमें उप निरीक्षक रेखा द्वारा संपूर्ण विवेचना एवं साक्षी के उपरांत अभियुक्त अली शेर की विरुद्ध अंतर्गत धारा 323, 504,506 भारतीय दंड संहिता की धारा में आरोप पत्र  न्यायालय में प्रेषित किया गया। जिसमें अभियोजन पक्ष द्वारा अपराध को सिद्ध करने के लिए 6 गवाहों को परीक्षित करवाया अभियुक्त की ओर से परवी कर रहे अधिवक्ता हल्द्वानी बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजन सिंह मेहरा द्वारा गवाहों से की गई प्रतिपरीक्षा में उक्त घटना में कई विरोधाभास होने तथा वादी में मुकदमा खनन से जुड़े होने और मुलजिम के घर और जमीन में खुदाई करने की व्यक्तिगत राग द्वेष के कारण अभियुक्त के ऊपर दबाव बनाने की नीयत से झूठी तहरीर देने को साबित करने में सफल रहे। तदुपरांत न्यायालय द्वारा अभियोजन पक्ष व मुलजिम की अधिवक्ता राजन सिंह मेहरा द्वारा दिए गए तर्क और नजीर जोरदार बहस के आधार पर अपर सिविल जज न्यायिक मजिस्ट्रेट अलका द्वारा अभियुक्त को दोष मुक्त किया गया।

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