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उत्तराखंड

*उत्तराखंड राज्य बनने का राजनेताओं और अफसरशाही को हुआ सबसे ज्यादा फायदा- कांग्रेस*

हल्द्वानी। कांग्रेस भवन स्वराज आश्रम में कांग्रेस ने राज्य स्थापना धूमधाम से मनाया। इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने मिठाई खिलाकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया। वक्ताओं ने कहा कि राज्य गठन के बाद से राज्य स्थापना की परिकल्पनाएं धूमिल होती जा रही हैं। पलायन की दर बढ़ती जा रही है। बेहतर शिक्षा और चिकित्सा के अभाव में पहाड़ के पहाड़ खाली हो गए हैं। गुरूवार को राज्य स्थापना दिवस पर स्वराज आश्रम में कार्यक्रम आयोजित हुआ।

वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बनने का सबसे ज्यादा फायदा राजनेताओं और अफसरशाही को हुआ। वक्ताओं ने कहा कि आज भी शहीदों के सपने अधूरे हैं। जिस अवधारणा के साथ राज्य निर्माण किया गया था, वह पूरा नहीं हुआ है। युवाओं को रोजगार देने के साथ ही पलायन पर रोक लगाने की मंशा थी। प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन देने की जरूरत थी, राज्य में सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत थी लेकिन इन पर काम नहीं हो पाया। जो राज्य शिक्षित राज्यों में दूसरे नंबर है वह राज्य आज किस पायदा पर है, यह सोचनीय विषय है।

कहा आज उत्तराखंड को बने 23 साल बीत चुके है, आज भी हमारे पहाड़ो के हालात जस के तस बने हुवे है। अलग पहाड़ी राज्य की परिकल्पना अधूरी रह गयी। इस दौरान जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल, महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविन्द बिष्ट, सतीश नैनवाल, महेश शर्मा, हरीश सिंह मेहता, शोभा बिष्ट, जीवन कार्की, राजेन्द्र उपाध्याय, गोविन्द बगडवाल, मीमांशा आर्य, हेम पांडे, मोहन बिष्ट, बहादुर सिंह बिष्ट, पार्षद राजेन्द्र जीना, हेमन्त साहू, नवीन सांगूड़ी, संदीप भैसोड़ा,  सौरभ भट्ट, कमला तिवारी, मीमांशा आर्य, प्रीति आर्य, सुशील डुंगरकोटी, विजय सिजवाली, संजू तिवारी, जीवन बिष्ट, पूरन बिष्ट, नरेंद्र पनेरू, नरेंद्र खनी, खीमानंद पांडे, प्रताप बर्गली, राजेन्द्र उपाध्याय, अवध विहारी जी, गणेश टम्टा,  प्रमोद सनवाल, त्रिलोक बनोली, अरसद अली, मनोज शर्मा, ताहिर हुसैन आदि उपस्थित रहे।

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