Connect with us

उत्तराखण्ड

सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों पर एक्शन मोड में प्रशासन, कार्यस्थल और सार्वजनिक स्थान महिलाओं के लिए हो सुरक्षित

देहरादून। महिलाओं के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल करते हुए शनिवार को सभी विभागाध्यक्षों के साथ अहम बैठक आयोजित की। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने सर्वाेच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा सरकारी एवं सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने कहा कि कार्यस्थल पर महिला कार्मिकों के लिए सुरक्षित एवं गरिमामय वातावरण उपलब्ध कराना प्रत्येक विभाग की जिम्मेदारी है। उन्होंने निर्देशित किया कि मातृत्व अधिकारों के अंतर्गत धात्री माताओं एवं शिशुओं के हितों को ध्यान में रखते हुए स्तनपान, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने कहा कि तहसील, विकासखंड, ग्राम पंचायत एवं निकाय स्तर के उन सभी कार्यालयों में, जहां 10 या उससे अधिक कार्मिक कार्यरत हैं, वहां तत्काल आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) का गठन किया जाए। साथ ही कार्यालयों में महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से बचाव, निषेध एवं निवारण संबंधी जागरूकता के लिए बिलबोर्ड स्थापित करना अनिवार्य होगा। महिला सहायता हेल्पलाइन नंबर 181 एवं आपातकालीन सेवा 112 का व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित किया जाए। सीडीओ ने निर्देश दिए कि महिला कार्मिकों की व्यक्तिगत स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए सभी कार्यालयों के शौचालयों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन एवं इंसीनेरेटर स्थापित किए जाएं। मातृत्व लाभ संशोधन अधिनियम-2017 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक स्थलों पर अमृत कक्ष (फीडिंग रूम), स्वच्छ शौचालय एवं योग कक्ष की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि 50 या उससे अधिक महिला कार्मिकों वाले प्रत्येक सार्वजनिक भवन में कम से कम एक शिशु गृह (क्रेच केंद्र) स्थापित किया जाना आवश्यक है, ताकि कामकाजी महिलाओं को बेहतर सहयोग मिल सके। मुख्य विकास अधिकारी ने परिवहन, शिक्षा एवं पर्यटन विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, टैक्सी स्टैंड, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, धार्मिक स्थल एवं सार्वजनिक पार्कों जैसे स्थानों पर महिलाओं की आवश्यकताओं के अनुरूप सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन, इंसीनेरेटर एवं अमृत कक्ष की व्यवस्था प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि 30 मई तक निर्धारित प्रारूप में अनुपालन आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार ने मा0 सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा पारित दिशा-निर्देशों एवं उनके अनुपालन संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Continue Reading
You may also like...

More in उत्तराखण्ड

Trending News