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उत्तराखण्ड

‘वोकल फॉर लोकल’ से आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की मजबूत नींव: चौधरी

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रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कमर कस ली है। प्रदेश के ग्राम्य विकास, लघु उद्योग एवं ग्रामोद्योग मंत्री भरत सिंह चौधरी ने विकासभवन सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में साफ कहा कि “स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाना ही हमारी प्राथमिकता है, और यही आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की कुंजी बनेगा।
बैठक के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, खादी एवं ग्रामोद्योग तथा लघु उद्योगों से जुड़ी योजनाओं की प्रगति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की गुणवत्ता, ब्रांडिंग और मार्केटिंग व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड को उत्तराखण्ड की पहचान बनाने पर जोर देते हुए कहा कि पहाड़ी उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करने के लिए उच्च गुणवत्ता, आकर्षक पैकेजिंग और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रभावी मौजूदगी बेहद जरूरी है। मंत्री चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि स्वरोजगार योजनाओं का असर सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीनी स्तर पर स्पष्ट दिखाई दे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाना समय की मांग है।
“जब गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी प्रदेश समृद्ध होगा और पलायन जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी रोक लगेगी,” उन्होंने जोर देकर कहा। बैठक में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता योजना के तहत अधिक से अधिक युवाओं और महिलाओं को लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बैंकों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ऋण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने पर भी विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, जिला विकास अधिकारी अनीता पंवार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र महेश प्रकाश सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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