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उत्तराखण्ड

राज्य कैबिनेट की बैठक में लिए गए कई महत्वूपर्ण निर्णय

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देहरादून। राज्य कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों के हितों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, आंतरिक सुरक्षा और श्रमिक कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। विभिन्न विभागों में लिए गए इन फैसलों को प्रशासनिक ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सबसे पहले, बोनस को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। बोनस एक्ट 1965 के तहत कर्मचारियों को पूर्व की तरह ही बोनस दिए जाने का प्रावधान फिर से लागू किया जाएगा। कोविड-19 अवधि के दौरान इसमें जो बदलाव किए गए थे, अब उन्हें समाप्त करते हुए पुनः 1965 के प्रावधानों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। उत्तराखंड ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) से संबंधित वर्ष 2006 की नियमावली में बदलाव करते हुए 94 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें ग्रेड-ए के 11 पद, सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 6 पद और असिस्टेंट डायरेक्टर का 1 पद शामिल है। इन पदों पर नियुक्ति मेडिकल सिलेक्शन बोर्ड के माध्यम से की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री के सचिव शैलेश बगोली ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि गृह विभाग के अंतर्गत नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत ढांचे को मजबूत करने के लिए डीएसपी सहित कुल 22 पद सृजित करने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाना है। कारागार प्रशासन से जुड़े विषय में भी अहम निर्णय लिया गया है। उत्तराखंड कारागार अधिनियम 2024 के अंतर्गत बार-बार अपराध करने वाले व्यक्तियों को केंद्र सरकार के प्रावधानों के अनुरूप ‘हैबिचुअल ऑफेंडर’ की श्रेणी में चिह्नित किया जाएगा। इससे ऐसे अपराधियों पर निगरानी और नियंत्रण की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। दैनिक श्रमिकों के संदर्भ में भी राहतभरा कदम उठाया गया है। विभाग में कुल 893 दैनिक श्रमिक कार्यरत हैं। इनमें से 304 को न्यूनतम वेतन मिल रहा था, जबकि शेष 589 श्रमिकों को यह लाभ नहीं मिल पा रहा था। अब निर्णय लिया गया है कि सभी पात्र श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान के रूप में 18,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाएंगे। कृषि क्षेत्र में किसानों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रधानमंत्री सुषम खाद्य योजना के साथ राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री खाद्य योजना भी संचालित की जाएगी। इस योजना के तहत 25 प्रतिशत तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे कृषकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। इन फैसलों को राज्य सरकार की प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्रों में व्यापक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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