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उत्तराखण्ड

भराड़ीसैंण को ऊर्जा-आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने जनपद चमोली के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित उत्तराखंड विधानसभा परिसर में 54.10 लाख रुपये की लागत से स्थापित 100 केवीए क्षमता के सोलर पावर प्वाइंट के उद्घाटन पर समस्त उत्तराखंडवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसे भराड़ीसैंण को पर्यावरण-अनुकूल, ऊर्जा-आत्मनिर्भर एवं आधुनिक विधाननगरी के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
विधानसभा अध्यक्ष ने जानकारी दी कि उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेड़ा), चमोली द्वारा विधानसभा परिसर में नेट कमीटरिंग आधारित सोलर पावर प्लांट की आपूर्ति एवं स्थापना का कार्य किया गया है। इस संयंत्र से प्रतिमाह लगभग 12,000 यूनिट हरित ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ विद्युत ग्रिड पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने बताया कि औसतन 6 प्रति यूनिट की दर से इस सोलर पावर प्लांट के माध्यम से विधानसभा को प्रतिमाह लगभग ₹72,000 की बचत होगी, जो वार्षिक रूप से लगभग 8.64 लाख के बराबर है। इस सोलर पावर प्लांट का परिचालन जीवन 25 वर्षों से अधिक का है, जिससे दीर्घकाल तक उत्तराखंड विधानसभा को आर्थिक, पर्यावरणीय एवं संरचनात्मक लाभ प्राप्त होंगे।
ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि भराड़ीसैंण (गैरसैंण) केवल उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी नहीं, बल्कि राज्य की लोकतांत्रिक चेतना और पहाड़ की आत्मा का प्रतीक है। विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद से ही वे भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध रही हैं। उनके कार्यकाल में इस परिसर में उत्तराखंड विधानसभा का डिजिटाइजेशन, महिला सुरक्षा कर्मियों के लिए आधुनिक हॉस्टल की व्यवस्था, मीडिया कर्मियों हेतु मीडिया हॉस्टल का निर्माण, अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान का संचालन तथा विधानसभा परिसर को आम जनमानस के लिए खोलने जैसे ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी प्रयासों का उद्देश्य भराड़ीसैंण को एक आदर्श, पारदर्शी, तकनीक-समर्थ और जन-सुलभ लोकतांत्रिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है, ताकि आम नागरिक भी विधानसभा से सीधे जुड़ाव महसूस कर सके।
इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेड़ा) का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार के सहयोग से भराड़ीसैंण को हरित ऊर्जा, सतत विकास और आधुनिक अवसंरचना का मॉडल बनाया जा रहा है।

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