उत्तराखंड
नयना देवी मंदिर नैनीताल में पूरी होती है मन की हर कामना, देश विदेश से भक्त आते है मनोकामना मांगने।
नैनीताल। सरोवर नगरी स्थित नैनी झील के उत्तरी किनारे पर नयना देवी मंदिर अत्यंत प्राचीन है और 18 सितंबर 1880 में आये भूस्खालन की चपेट में मंदिर भी आया था ,फिर अमरनाथ शाह के द्वारा मंदिर का निर्माण आज के स्थान पर फिर से कराया गया ।
आज नवरात्रि के पहले रोज अनेको श्रद्धालुओं ने आकर मां नयना के दर्शन किये ,नयना देवी मंदिर 64 शक्तिपीठ में शामिल है और इसी कारण यहां देवी के चमत्कार देखने को मिलते हैं। नयना देवी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और अपनी मनोकामनाएं मांगते है मान्यता है कि उनकी मनोकामनाएं अवश्य पूरी भी होती है और भक्त फिर दर्शन को आते है ,मां के प्रांगण में मन्नत की चूनरी बांध कर अपनी मनोकामना मांगते है और कामना पूरी होने पर वही चुनरी खोलने आते है। आज नवरात्र के पहले दिन दिल्ली, हल्द्वानी, रुद्रपुर ,आसाम व स्थानीय लोगों में मंदिर में आकर पूजा अर्चना की जिनके द्वारा बताया गया कि उनकी मनोकामना पूर्ण होने के बाद वो फिर मां के।दरबार मे हाज़री लगाने पहुंचे है।







