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उत्तराखण्ड

ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तराखंड का अभूतपूर्व योगदान

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देहरादून। विकेन्द्रीकृत और स्वच्छ ऊर्जा भविष्य की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, ग्लोबल एआई समिट के दौरान इंडिया एनर्जी स्टैक पवेलियन में पावरएक्सचेंज ऐप और अंतरराज्यीय पीयर-टू-पीयर  ऊर्जा ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह पहल देशभर में कृ विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा से समृद्ध राज्यों जैसे उत्तराखंड कृ बिजली के उत्पादन, व्यापार और उपभोग के तरीके को बदल सकती है। यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं और “प्रोज्यूमर” कृ यानी वे घर या संस्थान जो बिजली का उत्पादन भी करते हैं और उपभोग भी कृ को ब्लॉकचेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग आधारित डिजिटल मार्केटप्लेस के माध्यम से अतिरिक्त सौर ऊर्जा का सीधे व्यापार करने की सुविधा देता है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को ऐप का प्रदर्शन दिखाया गया, जिसमें छतों पर लगे सोलर पैनलों से अतिरिक्त बिजली के सहज लेनदेन को प्रदर्शित किया गया। इससे पहले यह प्लेटफॉर्म प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी दिखाया गया था, जिन्हें बताया गया कि यह किसानों और घरों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन सकता है और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
इंडिया एनर्जी स्टैक पहल के तहत विकसित पावरएक्सचेंज को देशभर में पीयर-टू-पीयर ऊर्जा व्यापार को बढ़ावा देने के लिए चुने गए केवल दो प्लेटफॉर्मों में से एक बनाया गया है। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पाेरेशन लिमिटेड ने तकनीकी विकास और उपयोगकर्ता पंजीकरण में सहयोग किया। लाइव डेमो के दौरान एक बुटीक संचालिका लक्ष्मी गाबा ने ऐप के एआई वॉइस एजेंट का उपयोग कर बिजली खरीदी, जिससे इसकी सरलता और उपयोगिता प्रदर्शित हुई।
अधिकारियों के अनुसार, तेजी से बढ़ती सौर क्षमता वाले राज्यों कृ विशेषकर उत्तराखंड में यह प्लेटफॉर्म बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिसने हाल ही में 1 गीगावाट  स्थापित सौर क्षमता का आंकड़ा पार किया है। राज्य में कुल सौर क्षमता अब 1,027 मेगावाट से अधिक हो चुकी है, जिसमें रूफटॉप सिस्टम, ग्राउंड-माउंटेड प्लांट, कृषि सौर पंप और व्यावसायिक परियोजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि को हरित ऊर्जा के माध्यम से “आत्मनिर्भर भारत” के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप बताया। अधिकारियों ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर और राज्य की सौर स्वरोजगार योजना ने क्षमता वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि पावरएक्सचेंज जैसे प्लेटफॉर्म इन परियोजनाओं की पूरी क्षमता को सामने ला सकते हैं, क्योंकि इससे घर, व्यवसाय और किसान अपनी अतिरिक्त सौर ऊर्जा को व्यर्थ जाने देने के बजाय बेच सकेंगे। पहाड़ी राज्यों में, जहां बड़े बिजली संयंत्रों की तुलना में विकेन्द्रीकृत उत्पादन अधिक व्यावहारिक है, पीयर-टू-पीयर व्यापार ग्रिड दक्षता बढ़ाने, ट्रांसमिशन हानि कम करने और नए आय स्रोत बनाने में मदद कर सकता है।

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