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उत्तराखण्ड

उत्तरकाशी पहुंचे मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार

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उत्तरकाशी। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को सीमांत जनपद उत्तरकाशी पहुंचे। उनका यह दौरा भारत-चीन सीमा से सटे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में चुनावी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की समीक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सीमांत क्षेत्रों में स्थापित पोलिंग बूथों का स्थलीय निरीक्षण कर मतदान व्यवस्थाओं, संचार नेटवर्क, सुरक्षा प्रबंध और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यों की जानकारी ली।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के सीमांत क्षेत्र स्थित झाला हेलीपैड पहुंचने पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखंड डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, एडीएम मुक्ता मिश्र समेत प्रशासनिक अधिकारियों ने पौध भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह अधिकारियों के साथ भारत-चीन सीमा से सटे हर्षिल क्षेत्र के लिए रवाना हुए। दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता भी देखने को मिली। हर्षिल पहुंचकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने सीमांत क्षेत्र में स्थापित पोलिंग बूथ का गहन निरीक्षण किया। इसके बाद वह गंगोत्री धाम के लिए रवाना होंगे। मुख्य निर्वाचन आयुक्त का यह दौरा सीमांत क्षेत्रों में लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुर्गम और सीमावर्ती क्षेत्रों में चुनाव आयोग की सक्रियता से स्थानीय लोगों में भी उत्साह देखने को मिल रहा है।
झाला पहुंचने के कुछ देर बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त हेलीकॉप्टर से सीमांत गांव हर्षिल के लिए रवाना हुए। हर्षिल में वह भारत-चीन सीमा के नजदीक स्थापित पोलिंग बूथ का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मतदान केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं, संचार व्यवस्था, मतदान कर्मियों की पहुंच, सुरक्षा प्रबंधन और दूरस्थ क्षेत्रों में चुनाव संचालन से जुड़ी चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। बताया जा रहा है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाने को लेकर अधिकारियों से फीडबैक भी लेंगे। सीमांत क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखना निर्वाचन आयोग की बड़ी प्राथमिकता मानी जा रही है। उत्तरकाशी जनपद देश के उन संवेदनशील सीमांत जिलों में शामिल है, जहां कई पोलिंग बूथ दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं। भारी बर्फबारी, खराब मौसम और सीमित संसाधनों के बीच चुनाव संपन्न कराना प्रशासन के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहता है। ऐसे में मुख्य निर्वाचन आयुक्त का स्वयं सीमांत क्षेत्रों में पहुंचकर जमीनी हकीकत का आकलन करना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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